रासे राजन – साइकिल यात्रा कर पेट्रोल व पर्यावरण बचाओ का संदेश

By | February 21, 2020

साइकिल यात्रा कर पेट्रोल व पर्यावरण बचाओ का संदेश दे रहे तमिलनाडु के रासे राजन अब तक 17 राज्याें में तय कर चुके हैं 36 हजार किलाेमीटर का सफर, लक्ष्य 40 हजार का

साइकिलिंग एक एसी कसरत है, जिससे माेटापा, रक्तचाप अदि कई खतरनाक बीमारियां दूर रहती हैं। यह कसरत के साथ ही आनंदमयी मनाेरंजन का जरिया भी है। इसकाे ध्यान में रखते हुए साइकिल चलाओ, पेट्रोल और पर्यावरण बचाओ का संदेश देने के लिए तमिलनाडु के सेलम निवासी रासे राजन ने साइकिल यात्रा शुरू की है। वे 17 राज्याें में 36 हजार किलाेमीटर की साइकिल यात्रा कर रविवार काे श्रीगंगानगर पहुंचे। उनका लक्ष्य 40 हजार किलाेमीटर की यात्रा पूरी कर गिनीज वर्ल्ड आफ बुक रिकाॅर्ड में अपना नाम दर्ज करवाना है। रासे राजन ने बताया कि वे अब तक तमिलनाडु, आध्रप्रदेश, उड़ीसा, वेस्ट बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, केरला, कर्नाटक, महाराष्ट्रा, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्याें की यात्रा कर चुके हैं। वे अपनी इस यात्रा के दाैरान 1 हजार से अधिक बच्चाें काे साइकिल चलाने के लिए प्रेरित भी कर चुके हैं।

रासे राजन - साइकिल यात्रा कर पेट्रोल व पर्यावरण बचाओ का संदेश Cycle Chalane Se Kya Fayda Hota He

प्रतिदिन 50 से 200 किलाेमीटर तक का सफर तय करते हैं राजन

: रासे राजन ने बताया दाे पुरुषाें ने वर्ष 1980 में कश्मीर से साइकिल कन्याकुमारी तक की करीब 3400 किलाेमीटर की यात्रा पूरी की थी। इस दाैरान इन दाेनाें का इंटरव्यू एक सामाचार-पत्र में पढ़ा था। इसके बाद से पर्यावरण सुरक्षा आदि के लिए 2 अक्टूबर 2017 को सेलम से साइकिल यात्रा शुरू की। 40 हजार किमी की साइकिल यात्रा तय करने का लक्ष्य है। वह प्रतिदिन 50 से 200 किमी की यात्रा तय कर रहे हैं।

तब भीड़ कर सकती थी हत्या, एक व्यक्ति ने पीटने से लाेगाें काे राेका ताे बची जान : रासे राजन ने बताया कि वे 2018 में झारखंड के एक गांव से गुजर रहे थे, तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ की। उन्होंने भ्रमण के उद्देश्य को बताया पर ग्रामीण बच्चा चोर कह पीटने लगे।
साइकिल तोड़ डाली और उनके जरूरी सामान जिसमें दो स्मार्ट फोन, एक जीपीएस युक्त घड़ी तथा कुछ पैसे भी छीन लिए। भीड़ इतनी उग्र थी कि उनकी हत्या भी हो सकती थी। उन्हें प्यास लगी थी और पानी मांग रहे थे, पर किसी ने पानी नहीं दिया। भीड़ उन्हें पीटती रही और स्थानीय लोग उसका वीडियो बनाते रहे। तभी एक पढ़े-लिखे व्यक्ति ने वहां पहुंचकर उग्र भीड़ को रोका। उस व्यक्ति ने उनके सारे कागजात देखे जिससे स्पष्ट हुआ कि वे सही हैं तभी वहां की पेट्रोलिंग पुलिस भी आ गई। पुलिस ने उन्हें और उनकी टूटी साइकिल व कुछ सामान को लेकर थाना लाई।

स्कूल-मंदिरों आदि में पहुंचकर लोगों को करते हैं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित

यात्रा के माध्यम से लोगों को साइकिल का उपयोग कर पेट्रोल बचाने के साथ पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं। स्कूलों, मंदिरों, सरकारी कार्यालयों में पहुंचकर आमजन के साथ विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। साइकिलिंग से मधुमेह सहित अन्य बीमारियों के बचाव और फायदों की जानकारी भी दे रहे हैं। रासे राजन ने बताया कि वर्तमान में लोग बाजार, मंदिर सहित कम दूरी के स्थानों पर जाने के लिए भी बाइक, मोटर कार का उपयोग करते हैं। इससे वायु प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या बढ़ती जा रही है। साइकिल के उपयोग से वायु प्रदूषण, ट्रैफिक की समस्या को दूर कर सकते हैं। राजे राजन ने बताया उनकी यह यात्रा 31 दिसंबर 2019 को सेलम पहुंचकर समाप्त हाेगी।

Travel ing from 50 to 200 kilometres per day Rajan: Raas Rajan said that in the year 1980, the dais had completed a journey of about 3400 kilometres from Kashmir to Kanyakumari. The interview of these dais was read in a letter of understanding. Thereafter, the cycle journey from Salem was started on 2nd October 2017 for environmental protection. The target is to fix a bicycle journey of 40 thousand kms. He is travelling from 50 to 200 kms per day.
Then the mob could have been murdered, a person beat up with a beating, and he said that he was passing through a village in Jharkhand in 2018, only after the local people stopped him and questioned him. He told the purpose of the visit, but the rural child started beating the thief.
Smash the bicycle and snatch their essential accessories including two smart phones, a GPS watch and some money. The crowd was so furious that they could have been murdered. They were thirsty and were asking for water, but nobody gave water. The mob beat them and the local people were making videos of him. Only then did a educated person stop the furious mob by reaching there. The person saw all his papers which made it clear that they were right and only then the patrolling police also came. The police brought them and their broken bicycles and some belongings.
School-temples inspire people to conserve environment by reaching out to them
Through the yatra, people are giving a message to save the environment with saving petrol using bicycles. By reaching schools, temples, government offices, they inspire students to contribute to environmental protection with the public. Cycling is also giving information about the benefits of other diseases including diabetes. He said that at present people also use bikes, motor cars to go to short distance places including markets, temples. This is increasing the problem of air pollution and traffic. The use of bicycles can address the problem of air pollution, traffic. Raje Rajan said, his visit will end on December 31, 2019 at Salem.

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